बीजेपी आज लगभग दोगुने पर लड़ रही है चुनाव जब ठाकरे बोले थे- 288 में से बस 88 सीटें देंगे

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वो दौर 1990 का था. महाराष्ट्र की राजनीति में बाल ठाकरे का सितारा बुलंद था. 1990 में जब महाराष्ट्र विधानसभा के चुनावों की घोषणा हुई तो बीजेपी और शिवसेना पहली बार साथ आए और साथ मिलकर कांग्रेस को टक्कर देने पर सहमति बनी. जब सीटों के बंटवारे की बात हुई तो, बाला साहेब ठाकरे ने बातचीत के लिए प्रकाश जावड़ेकर और दिवंगत प्रमोद महाजन को बुलाया था।

तमाम झटकों से उबरते हुए बीजेपी और शिवसेना महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समर में एक बार फिर साथ-साथ हैं. दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर इस पर जोर रहा कि कौन सी पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. राष्ट्रीय राजनीति में अपने प्रभुत्व का फायदा उठाते हुए बीजेपी राज्य की 288 सीटों में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि शिवसेना को बीजेपी से 40 सीटें कम यानी कि 124 सीटें मिली हैं।

अब हम आपको मौजूदा राजनीति से 29 साल पीछे ले चलते हैं. वो दौर 1990 का था. महाराष्ट्र की राजनीति में बाल ठाकरे का सितारा बुलंद था. 1990 में जब महाराष्ट्र विधानसभा के चुनावों की घोषणा हुई तो बीजेपी और शिवसेना पहली बार साथ आए और साथ मिलकर कांग्रेस को टक्कर देने पर सहमति बनी. जब सीटों के बंटवारे की बात हुई तो, बाला साहेब ठाकरे ने बातचीत के लिए प्रकाश जावड़ेकर और स्वर्गीय प्रमोद महाजन को बुलाया था. बातचीत के दौरान बाला साहेब ने बीजेपी नेताओं को दो टूक कहा था कि 288 में मात्र 88 सीटें बीजेपी को दी जाएगी, इससे ज्यादा इस मामले पर कोई चर्चा नहीं होगी. इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इसका खुलासा प्रकाश जावड़ेकर ने खुद किया है।

बीजेपी इस दौरान महाराष्ट्र की राजनीति की नई खिलाड़ी थी. हालांकि राम मंदिर आंदोलन की वजह से बीजेपी की पहुंच पूरे देश में हो गई थी. बीजेपी ने बाला साहेब के साथ थोड़ी और मोलभाव की और पार्टी को 104 सीटें मिलीं. शिवसेना 183 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. इस चुनाव में बीजेपी और शिवेसना संयुक्त रुप से 94 सीटें जीतीं. 183 सीटों में से शिवसेना को 52 सीटों पर और 104 सीटों में से बीजेपी को 42 सीटों पर जीत मिली थी।

पिछले 29 सालों में महाराष्ट्र की राजनीति में आमूल-चूल बदलाव हुए हैं. महाराष्ट्र में कभी छोटे भाई की भूमिका में रहने वाली बीजेपी अब बिग ब्रदर के रोल में आ गई है. 2014 लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने अपनी ताकत में और भी इजाफा किया. इस बार जब शिवसेना को 124 सीटें मिली तो पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे से पूछा कि आखिर शिवसेना ने समझौता कैसे किया. तो उद्धव ठाकरे ने कहा था कि शिवसेना मराठाओं और छत्रपति महाराज के अलावा किसी के सामने सिर नहीं नवाती है. उन्होंने कहा था कि हमने गठबंधन बनाने के लिए कुछ समझौता किया था, लेकिन ये समझौता महाराष्ट्र के हित में था. उन्होंने कहा था कि वे उन शिव सैनिकों से माफी मांगते हैं जिनकी सीटें सहयोगी दलों के पास चली गई है।

स्रोत : आज तक

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