मजबूत विपक्ष का दावा करने वाली बीजेपी में छाई ‘खामोशी’, आला नेता चुनावी मैदान से नदारद

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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी हर मुद्दे पर घिरती नजर आ रही है. ऐसे में पार्टी रणनीति तय ही नहीं कर पा रही. नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को इससे नुकसान भी हो सकता है।

लोकतंत्र में विपक्ष जनता की आवाज होता है. वह आम आदमी के मुद्दों को लेकर सरकार के सामने खड़ा रहता है, लेकिन छत्तीसगढ़ से इन दिनों विपक्ष गायब है. सूबे में कई ऐसे मुद्दे हैं जिसकी प्रगति के बारे में सरकार से बीजेपी सवाल कर सकती है, लेकिन छत्तीसगढ़ बीजेपी में एक अजीब सी खामोशी पसरी हुई है. ये खामोशी तब भी हैरान करती है जब बेहद करीब चित्रकोट का उपचुनाव है. फिर भी बीजेपी के नेता मैदान से नदारद हैं. अगर पार्टी की स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले चुनाव में बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

छत्तीसगढ़ बीजेपी में एक अजीब सी खामोशी पसरी हुई है. आजकल राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के नेता एक साथ सिर्फ प्रदेश बीजेपी दफ्तर एकात्म परिसर या कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित बैठकों में ही दिखते हैं, लेकिन सड़क की लड़ाई से पूरी तरह गायब हैं. ये खामोशी तब और हैरान करती है जब सामने चित्रकोट उपचुनाव है और इस चुनाव के साथ बीजेपी का बस्तर में अस्तित्व भी जूड़ा हुआ है. लेकिन चुनाव मैदान से भी बड़े नेता गायब हैं।

सवाल ये है कि राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के खामोशी की वजह क्या है? क्या अपने कई दिग्गजों के तमाम तरह के घोटालों के आरोपों में घिरे रहने के बाद बीजेपी ने चुप्पी एक रणनीति के तहत साधी है और सड़क की लड़ाई से थोडे़ दिनों के लिए किनारा कर लेने में ही भलाई समझी है. या इसके पीछे कोई डर है।

हालांकि बीजेपी इसकी कुछ और ही वजह बता रही है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी का कहना है कि पार्टी लगातार अपनी बातों को सामने रख रही है. फिलहाल संगठन में भी चुनाव चल रहे हैं. इसके साथ-साथ नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी भी चल रही है. 9 महीनों में हमारे पास सरकार को लेकर काफी मुद्दे हैं. तो वहीं कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि बीजेपी राजनीतिक कोमा में जा चुकी है. बीजेपी का ये रवैया लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है. तो वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी हर मुद्दे पर घिरती नजर आ रही है. ऐसे में पार्टी रणनीति तय ही नहीं कर पा रही. नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को इससे नुकसान भी हो सकता है।

स्रोत : NEWS 18

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