हरियाणाः कांग्रेस नेतृत्‍व को प्रत्‍याशी तय करने में तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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कांग्रेस हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्‍याशियों की सूची आज जारी कर सकती है।कांग्रेस को अपने उम्मीदवार तय करने में खूब मशक्कत करनी पड़ी। 90 विधानसभा सीटों पर करीब 1200 आवेदन आने के बाद से कांग्रेस नेतृत्व दुविधा में था। कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं के समर्थकों ने चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर करते हुए टिकट के लिए आवेदन किए। दो दिन की मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस 360 दावेदारों की छंटनी करने में कामयाब रही। प्रत्येक सीट पर चार दावेदारों का पैनल तैयार हुआ, जिसे घटाकर दो-दो सदस्यों तक लाया गया।

नई दिल्ली में दो दिन चली हरियाणा कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में दो बार से ज्यादा हारने वाले, जमानत जब्त होने वाले और परिवार के एक ही सदस्य को चुनाव लड़ाने के मानदंडों को नजरअंदाज कर दिया गया। हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने दावा किया कि सोमवार शाम तक उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी जाएगी। लिस्ट में भाजपा को मात देने वाले उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस राज्य के सभी 17 विधायकों को पहले ही टिकट देने का एलान कर चुकी है।

भले ही कोई भी कारण रहे, लेकिन कांग्रेस के कुछ नेता इस बार खुद को चुनावी रण से अलग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई की पत्नी रेणुका बिश्नोई चुनाव नहीं लड़ेंगी। सैलजा और अशोक तंवर पहले ही चुनाव न लडऩे का ऐलान कर चुके हैं। कैप्टन अजय यादव अपने बेटे चिरंजीव राव के लिए रेवाड़ी से टिकट मांग रहे हैं।

पूर्व मंत्री भीमसेन मेहता ने पूर्व विधायक राकेश कांबोज का नाम आगे बढ़ाया है, जबकि पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल भी चुनाव लडऩे को लेकर संशय में हैं। यह अभी तय नहीं है कि भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा दोनों चुनाव लड़ेंगे या फिर कोई एक चुनावी रण में उतरेगा। दो दिन की बैठक में कांग्रेस ने काफी हद तक 90 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। हालांकि पैनल में 180 लोगों के नाम हैं। तय नामों की सूची अब केंद्रीय चुनाव समिति के सामने रखी जाएगी।

कांग्रेस के दिल्ली स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज रोड में उम्मीदवारों के चयन को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी के मुखिया मधुसूदन मिस्त्री, गुलाम नबी आज़ाद, देवेंद्र यादव, दीपा दासमुंशी, कुमारी सैलजा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने लंबी मंत्रणा की। मिस्त्री को कांग्रेस के कील-कांटे दुरुस्त करने में खूब मशक्कत करनी पड़ी। उनके लिए सभी कांग्रेस दिग्गजों के समर्थकों को पैनल में एडजेस्ट करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

बैठक के बाद सैलजा ने कहा कि सिफारिश की बजाए जमीनी स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा। डा. अशोक तंवर ने पिछड़े व दलित वर्ग के लिए और पांच साल उनके साथ काम करने वाले सदस्यों के लिए टिकटें मांगी हैं। सैलजा ने कहा कि ‘हरियाणा बचाओ, कांग्रेस लाओ के नारे के साथ पार्टी विधानसभा चुनाव में उतरने जा रही है।

सैलजा ने कहा है कि चुनाव के दौरान भाजपा से लोग उसके पांच साल के कार्यकाल का हिसाब लेंगे। पांच साल सिर्फ घोषणाएं हुई। सियासी फायदे के लिए भाजपा अभी भी कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। पूरी कांग्रेस एकजुट हो चुकी है। टिकट बंटवारे के बाद सभी कांग्रेस नेता एकजुट होकर मैदान में उतरेंगे। हर कार्यकर्ता अपने उम्मीदवार की जीत में अहम भूमिका निभाएगा।

स्रोत : जागरण

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