हरियाणा इलेक्शन 2019: पूर्व CM के बेटे के खिलाफ बीजेपी ने TikTok स्टार को उतारा, जिस सीट पर 50 साल से है भजन लाल परिवार का कब्जा

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पिछले 50 साल से आदमपुर में भजन लाल के परिवार के सदस्य ही जीतते आए हैं. इस सीट से कुलदीप तीन बार तो उनके पिता भजन लाल नौ बार विधायक चुने गए हैं।

हरियाणा इलेक्शन 2019: 40 साल की Tik Tok स्टार सोनाली फोगाट के 4 लाख से भी ज़्यादा Followers हैं. अब वो चुनावी मैदान में उतर आई हैं. बीजेपी के टिकट पर वो हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई को उनके गढ़ हिसार के आदमपुर में चुनौती दे रही हैं. पिछले 50 साल से आदमपुर में भजन लाल के परिवार के सदस्य ही जीतते आए हैं. इस सीट से कुलदीप तीन बार तो उनके पिता भजन लाल नौ बार विधायक चुने गए हैं. लेकिन फोगाट जो अपने प्रचार के दौरान रोज़ाना 7 से ज़्यादा गांवों में जा रही हैं दावा करती हैं कि इन लोगों ने जनता के लिए काम नहीं किया. इस सीट को भजनलाल के परिवार का गढ़ माना जाता है लेकिन सोनाली का कहना है कि ये सीट अमेठी की तरह है जहां से बड़े नाम चुने गए लेकिन जनता के लिए काम नहीं हुआ।
फोगाट अपने बाहरी होने के आरोप को ये कह कर नकार देती हैं कि वो 12 साल से पार्टी में काम कर रही हैं और कहती हैं कि TikTok के ज़रिए लोगों के मसले उठाती रहेंगी.फोगाट ने बताया, ‘मैं 12 साल से भाजपा में हूं. मैंने सुमित्रा महाजन और सुषमा स्वराज से मुलाकात के बाद अभिनय से राजनीति का रुख करने का फैसला किया था. दिलचस्प बात ये है कि चुनावों से फौरन पहले यानी 18 अक्तूबर को जिमी शेरगिल के साथ उनकी फ़िल्म रिलीज़ हो रही है।

बिश्नोई को भरोसा है कि वो फिर जीतेंगे और फोगाट के इन आरोपों को खारिज करते हैं कि वहां पर कोई विकास नहीं हुआ. लेकिन दूसरे इलाक़ों में जैसे बुड़क गांव जहां पानी की बेहद कमी भी है और जो पानी मिलता है वो ख़राब भी होता है. वहां के लोग बीजेपी से ही उम्मीद लगाए बैठे हैं. साल 2014 के विधानसभा चुनाव में कुदलीप बिश्नोई को 47 फीसदी वोट मिले थे, जबिक भाजपा के हिस्से में केवल आठ फीसदी वोट ही गए थे।

कुलदीप बिश्नोई ने फोगाट के उन आरोपों का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि इस इलाके में कोई विकास नहीं हुआ है. बिश्नोई ने कहा, ‘टिकटॉक पर पॉपुलरिटी मायने नहीं रखती, काम देखा जाता है. मैं और मेरे पिता ने इस इलाके में काम किया है. इस इलाके में केवल एक स्कूल था, अब यहां स्कूलें और अस्पतालें हैं. अगर उन्हें यह नहीं दिखता तो उन्हें आंखें चेक कराने की जरूरत है।

स्रोत : NDTV TV

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