हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 : बीजेपी ने मंत्री विपुल गोयल व नरबीर के टिकट काटे

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Haryana Assembly Election 2019 हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्‍याशियों की पहली सूची जारी कर दी गई है। सीएम मनोहरलाल करनाल से चुनाव लड़ेंगे।

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्‍याशियों की पहली सूची जारी कर दी गई है। सीएम मनोहर लाल करनाल और हरियाणा भाजपा अध्‍यक्ष सुभाष बराला टोहाना से चुनाव लड़ेंगे। सूची सायं साढ़े चार बजे के बाद घा‍षित की गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल करनाल और हरियाणा भाजपा के प्रधान सुभाष बराला टोहाना से चुनाव लड़ेंगे।

अभी 78 उम्‍मीदवारों की घोषणा की गई है। सबसे अहम बता है कि राज्‍य के उद्योग मंत्री विपुल गोयल और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह का टिकट काट दिया गया है। मौजूदा सात विधायकों के टिकट काटे गए हैं। पार्टी ने नौ महिलाओं को टिकट दिए हैं। तीन खिलाडियों को टिकट दिया गया है।

भाजपा ने पहली सूची में दूसरे दलों से आने वाले आठ विधायकों, एक पूर्व राज्यसभा सदस्य और एक अन्य नेता को टिकट दिए हैं। इनके अलावा खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज को इंद्री की बजाए रादौर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। इंद्री से इनेलो से आए पूर्व राज्यसभा सदस्य रामकुमार कश्यप को उम्मीदवार बनाया गया है। इनके अलावा ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त बरौदा, पहलवान गीता फौगाट दादरी और भारतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह पेहोवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने नौ महिलाओं व 38 मौजूदा विधायकों को टिकट दिए हैं। 32 सीटें बदली गई हैं।

अंतरराष्‍ट्रीय पहलवान योगेश्‍वर दत्‍त सोनीपत जिले के बड़ौदा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्‍तान संदीप सिंह कुरुक्षेत्र के पेहवा और अंतरराष्‍ट्रीय महिला पहलवान बबीता फोगाट दादरी से चुनाव लड़ेंगी। पंचकूला से ज्ञानचंद गुप्‍ता को भाजपा का टिकट मिला है। कैबिनेट मंत्री कृष्‍णलाल पंवार को इसराना से उम्‍मीदवार बनाया गया है। इसी तरह कैबिनेट मंत्री कविता जैन को सोनीपत से प्रत्‍याशी होंगी।

पार्टी ने 12 क्षेत्रों के टिकट अभी घोषित नहीं किए हैं उनमें दो बागी विधायकों के क्षेत्र भी शामिल हैं। इन 12 क्षेत्रों में रेवाड़ी, गुरुग्राम, कोसली क्षेत्र केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रभाव के हैं। भाजपा ने दो बागी विधायकों के भी कतरे हैं। इनमें मुलाना से संतोष सारवान और पटौदी से बिमला चौधरी शामिल हैं। जिन विधायकों के टिकट कटे हैं, उनमें सोहना से तेजपाल तंवर, रादौर से श्याम सिंह राणा और गुहला से कुलवंत बाजीगर भी शामिल हैं।

भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी व विधायक प्रेमलता को उचाना कलां से दोबारा टिकट देने के अलावा केंद्रीय मंत्री व सांसदों के परिजनों को टिकट नहीं दिया। पार्टी ने इस बाबत पहले ही नीतिगत फैसला कर लिया था। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, रतन लाल कटारिया, धर्मबीर और रमेश कौशिक सहित कई सांसद भी अपने परिजनों के टिकट मांग रहे थे।

इंडियन नेशनल लोकदल के विभाजन के बाद जिन विधायकों ने भाजपा का दामन थामा था, उनमें से छह इनेलो विधायकों को टिकट मिला है। इनमें जुलाना से परमिंद्र सिंह ढुल, रानियां से रामचंद्र कंबोज, नलवा से रणबीर गंगवा, नूंह से जाकिर हुसैन, फिरोजपुर झिरका से नसीम अहमद और एनआइटी से नगेंद्र भड़ाना शामिल हैं। इसके अलावा हाल ही में भाजपा में शामिल हुए शिरोमणि अकाली दल से विधायक बलकौर सिंह को कालांवाली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद भ्याना को हांसी और होडल से इनेलो के पूर्व विधायक जगदीश नायर को टिकट दिया गया है।

भाजपा ने पांच साल मनोहर सरकार को समर्थन करते आ रहे चारों निर्दलीय सहित दूसरे दलों से आए पांच विधायकों को भी टिकट नहीं दिया। निर्दलीयों में सफीदों से जसबीर देशवाल, समालखा से रविंद्र मछरौली, पुंडरी से दिनेश कौशिक, पुन्हाना से रहीशा खान सहित इनेलो के विधायक रतिया से रविंद्र बालियान, नरवाना से पिरथी नंबरदार, सिरसा से मक्खन लाल सिंगला, हथीन से केहर सिंह रावत, पृथला से टेकचंद शर्मा को टिकट नहीं दिया। इसके अलावा फतेहाबाद से इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के क्षेत्र से भी टिकट लंबित रखा गया है।

स्रोत : जागरण

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